Saturday, 19 July 2014

Devastated Iraq

                                तबाह बर्बाद इराक  
      अमेरीकी साम्राज्यावाद द्वारा तबाह बर्बाद किए गए मुल्कों की कतार लंबी है । पिछले दो ढाई दशक से इराक जैसे मुल्क को अमेरीकी शासको ने ऐसे मुकाम पर पहुंचा दिया है जहां इसके तीन हिस्से में  बंटने की संभावना बन गई है । “ जनतंत्र” के नाम पर, रासायनिक हथियारों के नाम पर व आतंकवाद  के नाम पर दुनिया का सबसे बड़ा प्रतिक्रियावादी मुल्क अमेरिका दूसरे मुल्कों में हस्तक्षेप करता रहा है ।
      अमेरिकी शासकों द्वारा खड़ा किया गया आई एस आई एस जैसा कट्टरपंथी सुन्नी संगठन आज  कितनी मजबूती हासिल कर चुका है यह हाल की घटनाओं से समझा जा सकता है । एक वक्त में तालीबान को जिस तरह से अमेरिकी शासकों ने खड़ा किया था और फिर कट्टरपंथी तालीबानी अमेरिकी शासको के लिए ही अफगानिस्तान  में बाधा बन गए । यही स्थिति यहाँ भी बन गई है ।
      सीरिया के खिलाफ आई एस आई एस को खड़ा किया गया था । लेकिन सीरिया की बसर अल असद सरकार द्वारा इस कट्टरपंथी संगठन को पीछे धकेल दिया गया । इस वक्त अमेरिकी शासकों ने आई  एस आई एस को हथियार आदि हर तरह  से मदद की । सीरिया में सफल ना होने के बाद कट्टरपंथी संगठन  ने इराक की ओर रुख किया । अमेरिकी शासकों की चिंता है की कहीं सुन्नी कट्टरपंथी तेल व गैस क्षेत्रों पर ही कब्जा ना करा लें ।
      इराक में शिया , सुन्नी व कुर्द संप्रदाय के लोग रहते हैं । इराक का इन तीनों सम्प्रदायों के आधार पर पर विभाजन अमेरिकी शासकों की घृणित योजना थी । साम्प्रदायिक विभाजन का बीच अमेरिकी शासकों द्वारा बोया गया था । कुर्द अलग कुर्द राष्ट्र के लिए संघर्षरत हैं । इस कुर्द राष्ट्र में तुर्की ,सीरिया व ईरान के कुर्द इलाके भी शामिल हैं लेकिन  यहाँ के शासकों द्वारा कुर्दों का दमन किया जाता रहा है ।
      इराक की मालिकी सरकार अमेरिकी शासकों व ईरान की मदद से चल रही थी । यह सरकार शिया संप्रदाय वाली है इसने भी सांप्रदायिकता को और ज्यादा बढ़ाया । अमेरिकी शासक अपने हितों पर आंच आता देख  फिर से   अधिक हस्तक्षेप की भूमिका में आ रहा है ।
      कुलमिलाकर इराक की पिछले दो दशकों में मारे गए लाखों लोगों तथा  इराक को तबाह बर्बाद कर देने के  जिम्मेदार अमेरिकी शासक हैं ।

      

No comments:

Post a Comment

चुनाव की आड़ में बिहार में नागरिकता परीक्षण (एन आर सी)

      चुनाव की आड़ में बिहार में नागरिकता परीक्षण (एन आर सी)       बिहार चुनाव में मोदी सरकार अपने फासीवादी एजेंडे को चुनाव आयोग के जरिए आगे...