Wednesday, 2 March 2016

संघ परिवार व मोदी सरकार द्वारा पैदा किये जा रहे अंधराष्ट्रवादी उन्माद का विरोध
     क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन ने अन्य जनवादी संगठनों के साथ जे एन यू  प्रकरण के जरिये पूरे देश को तथाकथित राष्ट्रवाद व देश भक्ति के नाम पर  जनवादी अधिकारों व संस्थाओं व मूल्यों पर संघ परिवार द्वारा किये जा  हमले के विरोध में धरना, प्रदर्शन किया गया। 
    धरना प्रदर्शन व जुलुस से पहले एक संयुक्त पर्चे का व्यापक अभियान लिया गया . 

  हल्द्वानी   हल्द्वानी में जेएनयू छात्रों पर लगे देशद्रोह के फर्जी मुकदमे व लगातार जनवादी अधिकारों पर बोले जा रहे हमलों के खिलाफ  दिनांक 28 फरवरी को सभा व जुलूस का कार्यक्रम किया गया। 
सभा में बोलते हुए क्रालोस के पी पी आर्या ने कहा कि राजद्रोह का कानून अंग्र्रेजों के समय में बनाया गया था। आज आजाद भारत में संघी सरकार इसे जनवाद को दबाने के लिए इस्तेमाल कर रही है। आज इस कानून को रद्द करने की मांग करना जरूरी है।
  प्रमएके की अध्यक्षा शीला शर्मा ने बोलते हुए कहा कि जेएनयू हमेशा से बौद्धिक बहसों का केन्द्र रहा है। लेकिन वर्तमान संघी सरकार को जेएनयू का यह माहौल अपने खिलाफ लगता है। वह छात्रों के जनवादी अधिकार को दबाना चाहती है। और उन पर देशद्रोह जैसे मुकदमे थोप रही है।
माले के कैलाश पाण्डेय ने बोलते हुए कहा कि देश के अंदर जनवादी माहौल को कम किया जा रहा है। इसके खिलाफ संघर्ष करने की जरूरत है।
पछास के अध्यक्ष कमलेश कुमार ने कहा कि ‘‘तमाम न्यूज चैनलों जिसमें जी न्यूज प्रमुख है, ने फर्जी वीडियो के आधार पर छात्रों को देशद्रोही नारे लगाने का आरोपी करार दे दिया। खुद ही जज बन गये और सजा सुना दी। ये संघी सरकार के भोंपू बन गये हैं। 
सभा के अंत में इंकलाबी मजदूर केन्द्र के  अध्यक्ष कैलाश भट्ट ने कहा कि इस देश के निर्माता मजदूर-किसान हैं जो इनके हिसाब से नीतियां नहीं बनायेगा वह देशद्रोही है। देश की मेहनतकश जनता को सवाल करने का अधिकार है। कोई भी संस्था जनता के जनवादी अधिकारों से बड़ी नहीं है।
  सभा के अंत में एक जुलूस निकाला गया। और जेएनयू के छात्रों के समर्थन में नारे लगाये गये। जुलूस का मंगल पड़ाव पर जाकर समापन हुआ।                  
    कोटद्वार ;  कोटद्वार में  क्रालोस, पछास ,प्र म ए के , अम्बेडकर मंच , अम्बेडकर एसोसिएसन , जनवादी  नौजवान सभा ने संयुक्त मोर्चे के तहत तहसील पर धरना दिया।  सभी वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि संघ परिवार की देशभक्ति राष्ट्रवाद आज़ादी से पहले अंग्रेजों के चरण में लोट पोट  हो रहा था।  आज इनका राष्टवाद एक तरफ अम्बानी अडानी टाटा बिड़ला के चरणों में तो दूसरी ओर पूरी दुनिया में कहर बरपाने वाले करोड़ों बेगुनाह लोगों की मौत का जिम्मेदार अमेरिकी शासकों के चरणों में शीश नवा रहा हैं।  आज ओबामा ओलांद अबे की भक्ति इनका राष्ट्रवाद है।
  इसके अलावा बरेली, देवरिया, मऊ, बलिया आदि , सहारनपुर, हरिद्वारव देहरादून में भी प्रदर्शन किये गए।
अभियान के लिए जारी पर्चा ;---- 





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