क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन की हल्द्वानी इकाई के कार्यकर्त्ता नसीम को केंद्र सरकार के निर्देश पर काम करने वाली आई बी (खुफिया विभाग) का आदमी बताते हुए दो लोगों ने नसीम को जबरन रास्ते पर रोककर उत्पीड़ित करने का काम किया। उनकी फोटो खींची तथा एक दुकान में कुछ लोगों के सामने डराने धमकाने की कार्यवाही की। जनवरी फरवरी माह में हल्द्वानी के वनभूलपूरा क्षेत्र में हज़ारों अल्पसंख्यक लोग सी ए ए, एन आर सी तथा एन पी आर के विरोध में सड़कों पर उमड़ पड़े थे। इस आंदोलन में क्रालोस के हल्द्वानी क्षेत्र के कार्यकर्त्ता भी इस दौरान गए थे।
चूंकि मोदी-शाह की सरकार की जंग कोरोना से नहीं बल्कि सी ए ए प्रदर्शनकारियों से चल रही है इसीलिये दिल्ली में दिल्ली दंगों के नाम पर कई नौजवान छात्रों व छात्राओं को जो कि सी ए ए विरोधी प्रदर्शनों में शामिल थे। उन्हें यू ए पी ए से लेकर तमाम संगीन मुकदमों में जेलों में ठूंसने की घृणित कारवाई को आगे बढ़ा रही है।
हल्द्वानी में क्रालोस कार्यकर्त्ता को डराने धमकाने की यह कारवाई भी इसी की मिसाल है। क्रालोस मोदी सरकार की इस जनवादविरोधी घृणित कारवाई की तीखी भर्त्सना व निंदा करता है और मांग करता है कि इन डराने धमकाने व न्याय के लिए उठती इन आवाजों को कुचलने की घृणित कार्रवाइयों पर तत्काल रोक लगाए।
चूंकि मोदी-शाह की सरकार की जंग कोरोना से नहीं बल्कि सी ए ए प्रदर्शनकारियों से चल रही है इसीलिये दिल्ली में दिल्ली दंगों के नाम पर कई नौजवान छात्रों व छात्राओं को जो कि सी ए ए विरोधी प्रदर्शनों में शामिल थे। उन्हें यू ए पी ए से लेकर तमाम संगीन मुकदमों में जेलों में ठूंसने की घृणित कारवाई को आगे बढ़ा रही है।
हल्द्वानी में क्रालोस कार्यकर्त्ता को डराने धमकाने की यह कारवाई भी इसी की मिसाल है। क्रालोस मोदी सरकार की इस जनवादविरोधी घृणित कारवाई की तीखी भर्त्सना व निंदा करता है और मांग करता है कि इन डराने धमकाने व न्याय के लिए उठती इन आवाजों को कुचलने की घृणित कार्रवाइयों पर तत्काल रोक लगाए।
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