क्रांतिकारी लोक अधिकार का सातवां सम्मेलन सम्पन्न
क्रांतिकारी लोक अधिकार का सातवां सम्मेलन 16 -17 नवम्बर को सम्प्पन हुआ। सम्मेलन में उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश के अलग अलग हिस्सों से प्रतिनिधियों ने इस सम्मेलन में भागीदारी की। सम्मेलन में पहले दिन राजनीतिक सांगठनिक रिपोर्ट पर चर्चा की गई। यहां राजनीतिक रिपोर्ट पर देश और दुनिया की अर्थव्यवस्था राजनीति व सामाजिक स्थिति पर चर्चा की गई। देश व दुनिया भर में घोर जनविरोधी आर्थिक नीतियों व जनविरोधी फासीवादी राजनीति पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। रिपोर्ट में बताया गया कि साम्राज्यवादी मुल्कों के बीच बढ़ते अंतर्विरोध, पूंजीवादी साम्राज्यवादी लूट खसोट, इसकी आक्रमकता, तीसरी दुनिया के पूंजीवादी मुल्कों के शासकों का इनके साथ सांठगांठ ने स्थिति को जटिल बना दिया है इसके चलते एक ओर बड़े स्तर पर शरणार्थी संकट तो दूसरी ओर इसने सामाजिक संकट को गहरा दिया है। दुनिया के कई हिस्सों में उमड़ते जंससंघर्षों का हवाला देते हुए बताया गया कि फिलहाल क्रांतिकारी राजनीति बेहद कमजोर होने के चलते जंससंघर्षों की सीमा बनी हुई है। वही सांगठनिक रिपोर्ट में अपनी कमियों को चिन्हित करते हुए इन्हें दूर करने के सम्बन्ध में कार्यदिशा प्रस्तुत की गई। सम्मेलन के अंतिम दिन देश के भीतर घटे तात्कालिक जनविरोधी हमलों व रुझानों पर प्रस्ताव पारित किए गए। शहीदों को श्रद्धांजलि, भीड़ हिंसा के सम्बन्ध में, कश्मीर से 370 को निष्प्रभावी किये जाने, फासीवादी हमलों के खिलाफ, मज़दूर विरोधी वेज लेबर कोड बिल पर, यू.ए.पी.ए. में संशोधन , एन.आर.सी प्रक्रिया को रद्द किए जाने, सुप्रीम कोर्ट के बाबरी मस्जिद पर आए फैसले के सबन्ध में प्रस्ताव पारित हुए। इसके अलावा चुनाव हुए। नए पदाधिकारियों का चुनाव किया गया।
इसके बाद सम्मेलन का खुला सत्र सम्पन्न हुआ। इसमें विभिन्न्न संगठनों के प्रतिनिधियों, आम जनता के बीच से लोगों ने शिरकत की।
सम्मेलन में वरिष्ठ नागरिक गुलशन सूरी, बीमा कर्मचारी संघ से मनोज गुप्ता, बजाज मोटर्स कर्मकार यूनियन से कुंवर सिंह कंडारी, इंट्रार्क मज़दूर संगठन से सौरभ कुमार, भोजन माता संगठन से चम्पा, अधिवक्ता मो. यूसुफ, जनसत्ता से पत्रकार फलाश विश्वाश, मज़दूर सहयोग केंद्र से मुकुल, गुजरात अम्बुजा से कर्मकार यूनियन से रामजी , इंकलाबी मज़दूर केंद्र से खीमानंद, परिवर्तनकामी छात्र संगठन से महेंद्र, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र से रजनी, टेम्पो चालक यूनियन से कृष्णपाल, ठेका मज़दूर कल्याण परिषद से अभिलाख आदि ने बातें रखी। इसके अलावा माइक्रोमैक्स से नंदन सिंह, नेस्ले से महेंद्र सिंह, रिद्धि सिद्धि से कार्यकारिणी सदस्य जोशी जी, यजाकी से धर्मेंद्र तथा पीपल्स फ्रंट से ए पी भारती व आर डी एफ से कुंदन भी इस खुले सत्र में मौजूद रहे। समयाभाव के चलते कई साथी खुले सत्र को सम्बोधित नही कर सके।
सभी वक्ताओं ने आज देश में रहे आर्थिक संकट, मज़दूरों-कर्मचारियों की छंटनी, बढ़ती बेरोज़गारी , बढ़ती महंगाई पर पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की साथ ही देश में सरकार द्वारा जनता के अधिकारों को कमजोर करने, जनता के अलग अलग हिस्सों के आंदोलनों को बदनाम करने व इनका दमन करने, जनता की निगरानी किये जाने, जनता के जीवन स्तर को और नीचे गिरने घोर जनविरोधी व पूंजीपरस्त नीतियों को लागू किये जाने के विरोध में अपना आक्रोश व्यक्त किया। हिन्दू- मुस्लिम, युद्ध का उन्माद पैदा कर मेहनकश जनता को बांटने उनके बीच गहरी नफरत पैदा किये जाने पर भी गहरी चिंता व्यक्त की इसे आम अवाम के खिलाफ खतरनाक कदम बताया।
इसके बाद अंत में सत्यनारायण धर्मशाला से स्टेडियम तक सांकेतिक जुलूस कार्यक्रम किया गया। इसी के साथ संगठन का सातवां सम्मेलन जोश-ओ-खरोश व जनता जनवादी अधिकारों के लिए गोलबंद करने के दृढ़ संकल्पबद्धता के सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
No comments:
Post a Comment